तीन माह का वेतन देने और 19 जनवरी 2017 से संशोधित न्यूनतम मजदूरी के एरियर के भुगतान की मांग को लेकर बीएसएनएल कैजुअल एंड कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने आंदोलन शुरू कर दिया है। विभाग के श्रमिकों ने गांधी पार्क से महाप्रबंधक बीएसएनएल कार्यालय तक जुलूस निकाला। इसके बाद महाप्रबंधक कार्यालय प्रांगण में धरने पर बैठ गए। उन्होंने विभाग पर समझौते के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रमिक दिन में गांधी पार्क में एकत्र हुए और यहां से हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए बीएसएनएल महाप्रबंधक कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय प्रांगण में धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अल्मोड़ा दूरसंचार मंडल के अंतर्गत अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में कार्यरत श्रमिकों को मई, जून, जुलाई का वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा 19 जनवरी 2017 से संशोधित न्यूनतम मजदूरी के ऐरियर का भी भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि गत 23 मई को सहायक श्रमायुक्त (केंद्रीय) बरेली के समक्ष भी दिपक्षीय समझौता हुआ था, लेकिन समझौते का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बंद हो रहे दूरभाष केंद्रों में कार्यरत श्रमिकों को निकट के स्टेशनों में समायोजित करने, श्रमिकों के वेतन से काटे गए ईपीएफ का भुगतान करने की मांग उठाई। धरना और प्रदर्शन में यूनियन के अध्यक्ष ललित मोहन जोशी सचिव उमेश चंद्र तिवारी, जगत सिंह बिष्ट, खुशाल सिंह नेगी, शेर सिंह मेहता, प्रकाश उपाध्याय, बागेश्वर के हरीश गडिय़ा, कैलाश चौधरी, बलवंत मेहता, पिथौरागढ़ के राजेंद्र बल्दिया, राम प्यारे, उमेश प्रसाद, चंपावत के अंबादत्त भट्ट, छत्र सिंह बिष्ट, गंगा सिंह रावत, रानीखेत के मुकेश भट्ट, हर्ष सिंह रावत, खजान चंद्र जोशी आदि ने भाग लिया।