फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण में वन भूमि का अड़ंगा

Wed, 08 Mar 2017 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
2 October Special: Garbage treatment is a big challenge for Clean india - फोटो : demo
विज्ञापन
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए सालों बाद भी ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बन सका है। शहर से कूड़ा इकट्ठा कर पिथौरागढ़ मार्ग में पांच किमी दूर मृग विहार से कुछ दूरी पर सड़क के किनारे खुले में डाला जाता है। इसी के पास पालिका परिषद ने ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भी स्थान भी चयनित किया है पर वर्षों बाद भी वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिलने से ट्रंचिंग ग्राउंड अस्तित्व में नहीं आ सका है।
विज्ञापन


शहर की सफाई व्यवस्था नगर पालिका परिषद के अधीन है। मोहल्लों से कूड़ा इकट्ठा कर पालिका वाहनों के जरिए नगर से बाहर पहुंचती है। पालिका परिषद द्वारा पूर्व में धारानौला मार्ग में फलसीमा बैंड के पास सड़क के किनारे कूड़ा डाला जाता था। इस स्थान से कूड़ा बहकर सुयाल नदी में पहुंच जाता था। इससे नदी और गोचर भी प्रदूषित हो रहे थे।

क्षेत्र के लोगों के विरोध के बाद पालिका परिषद द्वारा पिथौरागढ़ मार्ग में मृग विहार से कुछ दूरी पर सड़क के किनारे कूड़ा डाला जा रहा है। शहर से प्रतिदिन करीब छह से सात टन कूड़ा निकलता है। इसे पालिका परिषद वाहनों के जरिए निश्चित किए गए स्थान पर डालती है।
विज्ञापन


हालांकि इस स्थान को सड़क की ओर से पालिका ने टिन की चादरों से कवर्ड किया है। इस स्थान के कुछ दूरी पर पालिका परिषद ने ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए भूमि भी प्रस्तावित की है। वन भूमि की मंजूरी न मिलने से ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण अधर में लटक गया है। खुले में कूड़ा पड़े रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें