अल्मोड़ा। भैंसियाछाना ब्लॉक के डूंगरी उडल गांव में तेंदुए द्वारा ढाई साल के मासूम बच्चे को शिकार बनाने से गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वन विभाग कार्यालय के सामने मालरोड में डीएफओ का पुतला फूंका। उन्होंने आरोप लगाया कि तेंदुए के आतंक से जनता को निजात दिलाने में वन विभाग असफल साबित हो रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से अल्मोड़ा नगर सहित ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। चार दिन पूर्व भी तेंदुए के आतंक वाले सभी क्षेत्रों में पिंजरा लगाने की मांग प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन देकर की गई थी, लेकिन कहीं भी पिंजरा नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि डूंगरी उडल गांव में बच्चे को शिकार बनाने वाले तेंदुए को आदमखोर घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा नगर सहित ग्रामीण इलाकों में जहां भी तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। वहां शीघ्र पिंजरे लगाकर तेंदुओं को पकड़ने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि नरभक्षी तेंदुओं को पकड़ने में विभाग लगातार असफल साबित होता है तो अल्मोड़ा वन प्रभाग के डीएफओ, रेंजर सहित ऊंचे ओहदों पर बैठे आला अधिकारियों को तुरंत अपने पदों से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
चेतावनी दी कि यदि डूंगरी गांव के नरभक्षी तेंदुए को आदमखोर घोषित नहीं किया गया और तेंदुए के आतंक वाले क्षेत्रों में शीघ्र पिंजरे नहीं लगाए गए तो कांग्रेस जन सड़कों पर उतरकर डीएफओ के खिलाफ आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला, महिला इकाई जिलाध्यक्ष लता तिवारी, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, पूर्व छात्रसंघ उपसचिव वैभव पांडे, रॉबिन भंडारी, सुमित कुमार, पारितोष जोशी, कैलाश पंत, भैरव पंत, विनोद सिंह, अरविंद रौतैला, इंद्रा वर्मा, संगम पांडे, प्रकाश पांडे आदि ने भाग लिया।