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शहीदों को श्रद्धांजलि देने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने किया नजर बंद

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सल्ट खुमाड़ में सीएम का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शशीखाल से मौलेखाल तक लगा एक घंटे तक जाम। संव? - फोटो : ALMORA
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी के मद्देनजर पुलिस ने सोमवार को शहीदों को श्रद्धांजलि देने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम खत्म होने के बाद उन्हें छोड़ा गया और श्रद्धांजलि दिलाई गई।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व में क्षेत्र की समस्याओं और स्कूलों में शिक्षकों के समय पर नहीं पहुंचने के मुद्दे को लेकर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। कार्यकर्ताओं ने पांच सितंबर को सल्ट शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री को इस मामले में ज्ञापन देने और इसके बाद शहीद स्मारोह स्थल पर ही धरना देने की चेतावनी दी थी। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता मौलेखाल से पैदल शहीद स्मारक के लिए निकले तो प्रेमनगर पर बैरिकेडिंग कर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इससे कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने इसका विरोध किया तो पुलिस कार्यकर्ताओं को उठा कर थाने ले आई और वहीं उन्हें बैठाए रखा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद पुलिस ने उन्हें एक बजे शहीद स्मारक ले जा कर श्रद्धांजलि दिलाई। इसके बाद तहसील में जमानत कर छोड़ दिया गया। विरोध करने वालों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, सरपंच घनानंद शर्मा, आनंद शर्मा, साहिल सिंह, माधो सिंह, कृपाल राम, त्रिलोक सिंह, अर्जुन राम आदि शामिल हैं।
शशिखाल से मौलेखाल तक एक घंटा लगा जाम
मौलेखाल। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम खत्म होने के बाद शशिखाल से मौलेखाल तक एक घंटा लंबा जाम रहा। सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे शहीद समारोह में आए ग्रामीणों और अन्य लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जाम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया भव्य स्वागत
मौलेखाल। मुख्यमंत्री के पहली बार सल्ट पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनता ने फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। स्वागत करने वालों में नरेंद्र भंडारी, सुधीर चौधरी, पूरन रजवार, हरीश कोटिया, देवी दत्त शर्मा, मनोहर सिंह, मेहरवान सिंह, दिनेश पवार, महेश्वर सिंह मेहरा, विनोद ध्यानी, दीपक शर्मा, शंकर भट्ट, पंकज ध्यानी, वीरेंद्र रावत, महेंद्र बिष्ट, पुष्कर बिष्ट, विक्रम रावत आदि शामिल थे।
कई किमी पैदल चलकर सीएम से मिलने पहुंचे लोग मायूस होकर लौटे
सीएम धामी के सल्ट आने से लोगों में खुशी तो है पर उनसे नहीं मिलने का मलाल साल रहा
पंकज मेहरा
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। वीरों की भूमि सल्ट में पहली बार पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने दूर-दूर से ग्रामीण समारोह में पहुंचे थे। लोगों को उम्मीद थी कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वह अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन आदि मुख्यमंत्री को सौंपेंगे लेकिन आम जनता को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया जिससे लोग मायूस दिखे।
प्रदेश के मुखिया बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी पहली बार सल्ट पहुंचे। मुख्यमंत्री को देखने और उनको सुनने के लिए सराईखेत, देघाट, मानिला, झिमार, गुलार, पैसिया, रणथमल, भ्याड़ी, तराड, मन्हेत, मरचूला, हरणा, मछोड, भौनखाल सहित दूरस्थ इलाकों से सैकड़ों लोग पहुंचे थे। जैसे ही मुख्यमंत्री मंच पर भाषण देने पहुंचे तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद लोग मुख्यमंत्री के भाषण सुनने के लिए अंतिम समय तक शहीद समारोह कार्यक्रम में डटे रहे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपना चाहते थे। कई लोग इसके लिए वहीं इंतजार भी कर रहे थे लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सीधे वापस चले गए। खदेरा गांव से प्रधान हेमा देवी के नेतृत्व में महिपाल सिंह, आलम सिंह समेत कई ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री नहीं मिलने दिया गया। इससे वह मायूस दिखे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, प्रधान संगठन, खुमाड के प्रधान समेत विभिन्न संगठनों के लोग भी मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाए। लोगों ने अपने ज्ञापन कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए एक काउंटर में जमा कर दिए। लोगों में असमंजस बना है कि उनका ज्ञापन सीएम तक पहुंचेगा भी या नहीं। लोगों का कहना है कि यदि वह खुद सीएम को अपने क्षेत्र की समस्याएं बताते तो शायद वह मौके पर ही कुछ आश्वासन दे जाते। संवाद
कांग्रेस, यूकेडी, उपपा के मंच रहे नदारद
मौलेखाल। सल्ट शहीद दिवस पर विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने मंचों से शहीदों को श्रद्धांज
लि देते हैं। इस बार शहीद स्थल पर भाजपा, आम आदमी पार्टी ने अपने-अपने मंच लगाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। खास बात ये है कि इस बार कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के मंच नहीं दिखाए दिए। तीन राजनीतिक पार्टियों का मंच इस बार नहीं दिखाई देने से लोग इस मामले में चर्चा करते हुए दिखाई दिए। संवाद

बैरिकेडिंग कर कांग्रेसियों को रोकती पुलिस। संवाद- फोटो : ALMORA

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