प्रदेश भाजपा सरकार के छह माह के कार्यकाल को निराशाजनक बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकाला। कार्यकर्ता ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बाद में डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। कांग्रेस कार्यकर्ता चौघानपाटा में एकत्र हुए यहां से नारेबाजी करते हुए बाजार में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने महंगाई पर नियंत्रण कर आम आदमी को राहत देने का वायदा किया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 75 फीसदी कम होने के बाजवूद पेट्रोल, डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर आम आदमी की जेब में डाका डाला जा रहा है। कांग्रेस शासनकाल में रसोई गैस के दाम 414 रुपये प्रति सिलेंडर थे, लेकिन वर्तमान में 780 रुपये पहुंच गए हैं।
महंगाई बढ़ने से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। भाजपा का भयमुक्त सरकार का नारा पूरी तरह हवाई है। सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधि स्वयं कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने वायदा किया था कि किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे और ब्याज रहित ऋण दिया जाएगा, लेकिन भाजपा ने इस पर अमल नहीं किया। सस्ते गल्ले की दुकानों में राशन मंहगा कर दिया है वहीं राशन में कटौती भी कर दी है।
सरकार का निकायों के सीमा विस्तार का निर्णय भी अविवेकपूर्ण है। उन्होंने राज्यपाल से प्रदेश सरकार के जनविरोधी निर्णयों पर रोक लगाने के लिए दिशा निर्देश देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक मनोज तिवारी और ललित फस्र्वाण, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, प्रदेश प्रवक्ता बिट्टू कर्नाटक, राजेंद्र बाराकोटी, अमित जोशी, हेम तिवारी, लता तिवारी, प्रीति बिष्ट, मनोज सनवाल, तारा चंद्र जोशी, गीता मेहरा, किरन साह, पंकज वर्मा, राजेंद्र बोरा, राजेंद्र तिवारी, त्रिलोचन जोशी, आनंद बगडवाल, राधा बिष्ट, अमरनाथ रावत, हरीश बनौला राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे आदि शामिल थे।