बागेश्वर। प्रदेश सरकार की ओर से सेवारत कार्मिकों की हड़ताल पर छह महीने के लिए लगाई रोक का कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार के रवैये को तानाशाहीपूर्ण बताया। एसबीआई तिराहे पर नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट के नेतृ़त्व में कार्यकर्ता एसबीआई तिराहे पर एकत्र हुए। उनका कहना है कि सरकार की ओर से प्रदेश में कर्मचारियों और युवाओं को रोजगार से दूर रखने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। पूर्व सैनिक परिवारों के युवाओं को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नियमित करने के बजाय, उन्हें आंदोलन करने से रोका जा रहा है। सैनिक परिवारों के उपनल के माध्यम से नौकरी कर रहे युवाओं के आंदोलन को भी दबाने के लिए एस्मा लगााने का प्रयास निंदनीय है। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष भगवत सिंह डसीला, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, राजेंद्र टंगड़िया, सुंदर गढि़या, दीपक गढि़या, बलवंत राम, लोकमणि पाठक, बालकृष्ण, पूजा आर्य, लक्ष्मी धर्मशक्तू समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कर्मचारियों पर एस्मा थोपने के विरोध में धामी सरकार का पुतला फूंका
अल्मोड़ा। जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा ने कर्मचारियों पर एस्मा लगाने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए धामी सरकार का पुतला फूंका। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को दबाने के लिए अघोषित इमरजेंसी थोप रही है।
शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज के भोज के नेतृत्व में चौघानपाटा में एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश आंदोलित है, कर्मचारी अपने हक की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पूरन रौतेला, नारायण दत्त पांडेय, तारा चंद्र साह, जया जोशी, गीता मेहरा, किरन आर्या, आनंद बिष्ट, अंबी राम आर्या, गोविंद लाल, निज़ाम कुरैशी, हर्ष कनवाल, चंदन भोज, भैरव गोस्वामी, आसुतोष कनवाल आदि मौजूद रहे।
एस्मा लागू करने के विरोध में कांग्रेसियों ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड के उपनल और अन्य सरकारी कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा न करने और सरकार की ओर से लागू किए गए एस्मा के विरोध में कांग्रेस कमेटी रानीखेत ने शुक्रवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार रानीखेत दीपिका आर्या को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि उपनल सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी वेतन विसंगतियों के समाधान, सेवा शर्तों में सुधार, कार्यस्थल सुरक्षा और स्थायीकरण जैसी मांगों को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत हैं तथा इन मुद्दों पर संवेदनशील निर्णय की आवश्यकता है। कर्मचारियों का आंदोलन हमेशा संवाद-आधारित समाधान की भावना पर आधारित रहा है, परंतु सरकार द्वारा एस्मा लागू किए जाने से यह संदेश जाता है कि संवाद की जगह दमनात्मक रुख अपनाया जा रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार, पूर्व व्यापार मंडल उपसचिव विनीत चौरसिया, मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी आदि शामिल रहे।