अल्मोड़ा। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय ने मांग की कि केंद्र सरकार की नौकरियों में उत्तराखंडवासियों को आरक्षण मिले और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। बाद में विरोध स्वरूप चौघानपाटा में बिजली और पानी के बिलों की प्रतियां भी जलाईं।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार उत्तराखंडियों के पुश्तैनी वनाधिकार और हक-हकूक बहाल करे। उन्होंने कहा कि प्रतिमाह एक गैस सिलिंडर, बिजली और पानी निशुल्क सरकार उपलब्ध कराए। आरोप लगाया कि सरकार बिजली और पानी के मूल्य में लगातार बढ़ोतरी कर रही है। जड़ी-बूटियों पर स्थानीय समुदाय का अधिकार बहाल हो। राज्यवासियों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं निशुल्क मिलें।
उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों द्वारा जनहानि पहुंचाने पर प्रभावित परिवार को 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। जंगली जानवरों द्वारा फसल के नुकसान पहुंचाने पर प्रति नाली पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति किसान को मिले। राज्य में अविलंब चकबंदी करने की भी मांग की गई। विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने भाजपा सरकार पर जनहितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
सभा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पूर्व विधायक मनोज तिवारी और मदन बिष्ट, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, लता तिवारी, राजेंद्र बाराकोटी, पूर्व राज्यमंत्री पुष्कर दुर्गापाल आदि ने विचार रखे।