रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत विधानसभा के भिकियासैंण की सियासत में इन दिनों बारिश के मौसम में भी गर्मी अपने चरम पर है। भाजपा की तरह अब कांग्रेस ने भी नाराज और बागी चेहरों को अपने पाले में खींचने की रणनीति अपनाई है, और इसकी बिसात पंचायती चुनावों से ही बिछनी शुरू हो गई थी। इसी सिलसिले में भिकियासैंण ब्लॉक की गैरगांव सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए दमदार नेता दीपक करगेती को कांग्रेस ने अपने पत्तों का तुरुप बनाते हुए ब्लॉक प्रमुख पद का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन महरा की मौजूदगी में दीपक करगेती ने औपचारिक रूप से पार्टी का झंडा थामा। दिलचस्प यह कि सदस्यता लेने के चंद घंटों के भीतर ही पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी भी घोषित कर दिया। कांग्रेस का यह ताबड़तोड़ कदम न सिर्फ भाजपा के लिए चौंकाने वाला है, बल्कि इसे उसके गढ़ में सीधी सेंध लगाने की रणनीति भी माना जा रहा है।
दीपक की पहचान सत्ता को चुनौती देने वाला चेहरा
रानीखेत। दीपक करगेती क्षेत्र में एक दमदार और बेबाक नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने उद्यान घोटाले समेत कई मामलों का खुलासा कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। 2022 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने रानीखेत सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद नैनवाल के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरकर चुनाव लड़ा था, हालांकि उस समय उन्हें 519 वोट ही मिले थे।
विरोधी रुख से चुनावी मैदान तक
रानीखेत। भाजपा के कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि दीपक हमेशा पार्टी के खिलाफ ही रहे हैं। चाहे 2022 विधानसभा चुनाव में रानीखेत से पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में उतरना हो या फिर विभिन्न मुद्दों पर सरकार की आलोचना करना, दीपक ने खुलकर विरोध किया। अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद वे पार्टी को कितनी मजबूती प्रदान करते हैं और आगामी ब्लॉक प्रमुख चुनाव में जीत दर्ज कर पाते हैं या नहीं।