नगर निगम से लेकर रानीखेत नगर पालिका और जिले की तीन पंचायत में वार्ड सदस्यों के लिए एक-एक पद पर कई-कई दावेदार होने के कारण गुटबाजी की आशंका से कांग्रेस के कदम ठिठक गए। ऐसे में कांग्रेस ने अल्मोड़ा नगर निगम से लेकर नगर पंचायत तक वार्ड प्रत्याशी घोषित नहीं करने का निर्णय लिया है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर कई-कई दावेदारों के बीच एक प्रत्याशी को अधिकृत घोषित किया गया तो गुटबाजी का पार्टी के चुनाव परिणाम पर फर्क पड़ सकता है।
पार्टी ने अल्मोड़ा नगर निगम के 40 वार्डों के पार्षद पद सहित रानीखेतचिलियानौला पालिका और द्वाराहाट, भिकियासैंण तथा चौखुटिया नगर पंचायत में वार्ड सदस्य के लिए अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने बताया कि पार्टी हाईकमान के निर्णय के अनुसार ऐसा किया गया है। चुनावी समर में जो भी परिस्थिति पार्टी के हित में दिखाई देगी, उसी हिसाब से फैसला किया जाएगा।
निगम के नौ वार्डों में प्रत्याशी नहीं तलाश पाई भाजपा
मेयर पद के चुनाव में अपने वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय वर्मा को मेयर पद का प्रत्याशी बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी अल्मोड़ा नगर निगम के नौ वार्ड में प्रत्याशी ही नहीं तलाश पाई। रविवार को जारी सूची में अल्मोड़ा नगर निगम के 40 में से केवल 31 वार्डों के लिए पार्षद प्रत्याशी घोषित किए गए हैं जबकि नौ वार्डाें को खाली छोड़ दिया गया है।
ऐसा माना जा रहा है कि कहीं मजबूत प्रत्याशी उपलब्ध नहीं होने के कारण तो पार्टी ने यहां प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की जबकि कई वार्डों में एक-एक स्थान पर कई-कई दावेदार होने के कारण पार्टी एक व्यक्ति को प्रत्याशी घोषित करने से बचती दिखाई दी। जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा का कहना है कि पार्टी ने स्वच्छ छवि, मजबूत क्षमता और पार्टी के प्रति समर्पण वाले लोगों को प्रत्याशी बनाया है। जहां प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं, वहां पार्टी ने अपनी रणनीति के हिसाब से निर्णय लिया है। समय के अनुसार जो भी उचित लगेगा उसके हिसाब से निर्णय लिया जाएगा।