बेटियां स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। अध्यक्षा करते हुए महिला प्रेरणा और उत्थान समिति की अध्यक्ष रेखा आर्या ने कहा कि अभिभावक बेटा-बेटी में भेदभाव न करें। दोनों को शिक्षा के समान अवसर दें ताकि बेटियां भी बेटों से आगे निकलकर नाम रोशन कर सकें। बीना नयाल ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज को अपना नजरिया बदलना होगा। महिलाएं अपने को कमजोर न समझें। लीला बोरा ने कहा कि महिलाएं शक्तिशाली तभी बनेंगी, जब वह जागरूक रहेंगी। मुन्नी रावत ने कहा कि महिलाएं घरेलू काम के साथ ही स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनें। संचालन करते हुए इंदिरा अधिकारी ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100- मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियों को खुद मजबूत बनना होगा।
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कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
मुन्नी रावत, पूजा नयाल, भावना कनवाल, जयंती बिष्ट, पूजा आर्या, रजनी मेर, शांति देवी, गंगा देवी, बसंती देवी, सरस्वती देवी, रेखा कनवाल, गीता कनवाल, हिमानी शैली, नेहा थापा, कला देवी, माया देवी, पिंकी आर्या, नीतू आदि।
महिलाओं ने शपथ ली मैं शपथ लेती हूं कि कन्या भ्रूण हत्या नहीं करूंगी और न ही होने दूंगी। बेटा-बेटी में कोई भेदभाव न करते हुए उनके पालन-पोषण में समान अवसर प्रदान करूंगी। मैं अपने गांव, मोहल्ला, जिला और प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करूंगी। हर बेटी में आत्मविश्वास जगाकर उन्हें स्वावलंबी बनाऊंगी। बेटियों को अपराजिता बनाऊंगी।