युवाओं के स्मैक और चरस के नशे के चपेट में आने से व्यापारी वर्ग भी चिंतित है। व्यापारियों का कहना है कि बच्चों के प्रति अभिभावकों के साथ ही शिक्षकों को भी सचेत रहना होगा। बच्चों का घर और विद्यालय में सही मार्गदर्शन जरूरी है। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए समाज को सचेत रहना होगा।
युवाओं में नशे की लत समाज के लिए चिंताजनक है। अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों का सही मार्गदर्शन करने के साथ ही उनकी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखें। विद्यालयों को भी इस संबंध में बच्चों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाना चाहिए।
प्रकाश रावत, व्यापारी।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से समाज भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खासकर युवा वर्ग इसकी चपेट में अधिक आ रहा है। व्यापारी वर्ग का भी दायित्व है कि वह इसके खिलाफ अभियान चलाए। विद्यालय प्रशासन भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखे।
भुवन वर्मा, व्यापारी।
अभिभावकों को बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। माता, पिता बच्चों को अधिक से अधिक समय दें और उनकी बातों को गहराई से सुनें। उन्हें अच्छा तथा बुरे का आभास कराएं। आसपास के लोगों को भी युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में फंसने से बचाना चाहिए।
मनोज सिंह पवार, महासचिव, व्यापार मंडल।
बदलते परिवेश में युवा तेजी से नशीले पदार्थों के आदी हो रहे हैं। कई बार छोटे स्कूली बच्चे भी देखादेखी नशीले पदार्थों का सेवन कर लेते हैं। अभिभावकों क्रो समय-समय पर स्कूल जाकर शिक्षकों से राय लेनी चाहिए। यदि बच्चा घर में कुछ अटपटा व्यवहार कर रहा है तो उसकी काउंसलिंग करानी चाहिए।
धीरज कुमार, व्यापारी।