संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने कोसी नदी में निर्माणाधीन बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री तिवारी ने कहा कि गर्मी के सीजन से पूर्व बैराज के गेट लग जाएं, ताकि गरमी में नगर आसपास के क्षेत्रों में पानी की कमी नहीं हो। बैराज बन जाने पर पर्यटन के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन के साथ निरीक्षण में पहुंचे संसदीय सचिव ने बैराज क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को देखा। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से निर्माण के संबंध में जानकारी ली। श्री तिवारी ने कहा कि कोसी नदी में बन रहा यह बैराज पर्वतीय क्षेत्र का पहला बैराज है। यह भविष्य के लिए एक मॉडल होगा। बैराज बन जाने से जहां पानी की समस्या का समाधान होगा। वहीं जिले में नया पर्यटन स्थल भी विकसित होगा। काम पूरा हो जाने के बाद करीब दो किमी लंबी झील बनेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन सिंघल ने बताया कि बैराज 8.5 मीटर ऊंचा और 60 मीटर चौड़ाई में बनेगा। बैराज की क्षमता चार लाख घन मीटर की होगी। उन्होंने मार्च माह तक अधिकांश काम पूरा कर लेने का आश्वासन दिया। डीएम विनोद कुमार सुमन ने संसदीय सचिव को बताया कि समय से काम पूरा हो सके। वह स्वयं भी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार करवाएंगे। इस अवसर पर एई डीसी पंत, जेई मनीष कुमार, विवेक जोशी, कैलाश जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, बीस सूत्रीय कार्यक्रम उपाध्यक्ष त्रिलोचन जोशी, विनोद वैष्णव, सूरज साह, भूपेंद्र भोज आदि मौजूद थे।