भैंसियाछाना ब्लॉक के कसाण बैंड में पहली दिसंबर को हुई बारात की जीप दुर्घटना में मारे गए चार और आठ घायल बारातियों के परिजनों को अब तक शासन ने मुआवजा राशि नहीं दी है।
उपचार के लिए घायलों को सहायता राशि नहीं मिल पाने से लोगों में नाराजगी है। नाराज लोगों ने डीएम सविन बंसल से मुलाकात कर मृतकों और घायलों के परिजनों मुआवजा राशि शीघ्र देने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुनाथ सिंह चौहान के नेतृत्व मेें मिले शिष्टमंडल ने डीएम को बताया कि पहली दिसंबर को कसांणबैंड के निकट बारात की जीप संख्या यूए01-6959 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और आठ बाराती घायल हो गए थे।
गंभीर रूप से घायल तीन का हल्द्वानी में और शेष का बेस अस्पताल में उपचार चल रहा है। मृतक हरीश सिंह मेर के परिजनों की माली हालत काफी खराब है। लोगों ने सहयोग कर हरीश की अंत्येष्टि करवाई। बेस अस्पताल में डाक्टर नहीं होने से घायलों का बेहतर उपचार नहीं हो पा रहा है।
दुर्घटना को पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक घायलों और मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने डीएम से नियमानुसार सहायता राशि देने की मांग की। डीएम ने कहा कि रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
स्वीकृति मिलते ही धरराशि बितरित की जाएगी। शिष्टमंडल में विजय अधिकारी, पंकज जोशी, दर्शन रावत, बीडीसी सदस्य दर्शन नैनवाल, रणजीत सिंह, पंकज मेर, रणजीत भंडारी, महेश भंडारी, हेमंत बिष्ट आदि मौजूद थे।