कपकोट-उतरौड़ा-पोलिंग सड़क निर्माण में कटी नाप भूमि और फलदार पेड़ों का मुआवजा पनौरा गांव के एक किसान को गत छह बरस बाद भी नहीं मिल सका है। मुआवजे के लिए वह लोनिवि के साथ ही प्रशासन के कई चक्कर काट चुका है, लेकिन उसकी फरियाद किसी ने भी नहीं सुनी है।
किसान ने एसडीएम को ज्ञापन देकर उसे शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है। मुआवजा एक सप्ताह के भीतर न मिलने पर सड़क पर ही आत्महत्या करने की चेेतावनी दी है।
पनौरा निवासी किसान गंगा सिंह कपकोटी ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में कहा है लोनिवि ने 2009 में कपकोट- उतरौड़ा-पोलिंग सड़क का कटान किया। इसमें उसकी पांच नाली उपजाऊ भूमि कटी जबकि बड़ी संख्या में आम आदि फलदार पेड़ कट गए।
लोनिवि ने क्षति की तब से भरपाई नहीं की है। विभाग ने सुरक्षा दीवार भी नहीं बनाई। सड़क कटान का मलबा भी उसके नाप खेतों में डाल दिया। मुआवजे और सुरक्षा दीवार की मांग को लेकर उसने लोनिवि के अब तक कई चक्कर काट दिए हैं, लेकिन विभाग के कानों जूं तक नहीं रेगी।
लोनिवि ने मुआवजा दिए बगैर सड़क के आगे काम एडीबी को सौंप दिया है। एसडीएम से उसने मुआवजे दिलाने में सहायता करने की मांग की है।
ज्ञापन में पीड़ित किसान ने एक सप्ताह के भीतर मुआवजा न मिलने पर सड़क पर ही आत्महत्या करने की चेेतावनी दी है। एसडीएम ने लोनिवि को मामले की जांच पड़ताल करके प्रभावित किसान को मुआवजा शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।