विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के संग्रहण और बेहतर विपणन से ग्रामीणों की आय में सुधार होगा। आजीविका सुधार क्षेत्र में महिला समूह सराहनीय काम कर रहे हैं।
कुंजवाल आजीविका सुधार परियोजना के तहत धौलादेवी के नैनी गांव में दस लाख की लागत से निर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरयू घाटी क्षेत्र कृषि और बागवानी की दृष्टि से काफी समृद्ध है।
आम, अमरूद, पपीता, केला आदि फलों के अलावा गेहूं, धान, सब्जी और मसालों का काफी उत्पादन होता है। उपज के विपणन की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाता है।
आजीविका परियोजना के तहत गठित समितियां फेडरेशन के माध्यम से गांवों से उपज संग्रहण कर बिक्री की व्यवस्था करें, ताकि लोगों की आय बढ़ सके। उन्होंने आजीविका प्रबंधन को क्षेत्र में मसाला पीसने की छोटी यूनिट लगाने के निर्देश दिए।
कुंजवाल ने सड़क से समिति के भवन तक मार्ग निर्माण, विद्युतीकरण के लिए दो पोल और पेयजल टैंक बनाने को विधायक निधि से धन देने की घोषणा की।
प्रगति स्वायत्त सहकारी समिति के अध्यक्ष भगवान सिंह खनी ने बताया कि फेडरेशन में क्षेत्र में गठित 42 समूहों की 315 महिलाएं शेयरधारक हैं। समूहों के माध्यम से मसालों के साथ ही मडुवा, मादिरा, सोयाबीन, सब्जी, फलों का विपणन किया जा रहा है।
पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, डीसीबी अध्यक्ष प्रशांत भैसोड़ा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, ब्लाक अध्यक्ष मोहन सिंह सिंग्वाल, परियोजना प्रबंधक नवीन आनंद, जिला प्रबंधक हीरा बल्लभ पंत, पूरन बिष्ट, विपिन भट्ट, हरिमोहन भट्ट, नारद भट्ट, राम सिंह कर्की, मनोज रावत, गोपाल सिंह चौहान आदि मौजूद थे।