बेस अस्पताल अल्मोड़ा की सीटी स्कैन पिछले करीब ढाई साल से खराब है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान नई मशीन लगाने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक जिले की एकमात्र सीटी स्कैन मशीन ठीक नहीं हो पाई है। इस कारण सिर में चोट लगने और सिर की अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को परीक्षण के लिए मैदानी क्षेत्र के अस्पतालों में जाना मजबूरी हो गया है।
जिले में बेस अस्पताल में ही एकमात्र सीटी स्कैन मशीन थी। बेस अस्पताल में उपचार कराने के लिए अल्मोड़ा के अलावा सीमावर्ती जिलों बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ के मरीज भी उपचार कराने आते हैं। दुर्घटना में सिर में चोट लगने पर घायलों का सीटी स्कैन कराना जरूरी होता है, ताकि मरीज को उपचार मिल सके।
बेस अस्पताल में यह मशीन स्थापित होने के बाद से ही खराब होती रही। संबंधित कंपनी का स्वास्थ्य विभाग पर करीब 32 लाख रुपये बकाया चल रहा था। कांग्रेस सरकार यह पैसा कंपनी को नहीं दे सकी और कंपनी ने सीटी स्कैन मशीन को ठीक करने से हाथ खींच लिए।
भाजपा सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद भी मशीन दुरुस्त नहीं हुई। गत 24 जून को अल्मोड़ा भ्रमण पर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खराब सिटी स्कैन मशीन के स्थान पर नई मशीन लगाने की घोषणा की पर यह घोषणा पूरी नहीं हो सकी। हालांकि भाजपा सरकार ने कंपनी के 32 लाख बकाए में से करीब 10.46 लाख भुगतान कर दिया पर कंपनी के इंजीनियर मशीन को ठीक करने नहीं पहुंचे।
गत पांच अप्रैल को पुन: मुख्यमंत्री अल्मोड़ा भ्रमण पर आए तो उन्हें पूर्व में की गई घोषणा की याद दिलाई गई। मुख्यमंत्री का कहना था घोषणा जल्द पूरी होगी।
पिछले दिनों संबंधित कंपनी के इंजीनियर पहुंचे थे। इंजीनियर ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन को जोड़ने वाली केबल खराब है। नई केबल उपलब्ध होने पर ही सीटी स्कैन में क्या खराबी आई है, इसकी जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद इंजीनियर लौट गए।
डॉ. टीडी रैखोलिया, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल, अल्मोड़ा।