तल्ला सिलोर क्षेत्र की महिलाओं ने देहरादून जाकर मुख्यमंत्री हरीश रावत को पहाड़ की बदहाली बताई। महिलाओं ने गांवों से पलायन रोकने के लिए मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने, बंदरों, सुअरों से निजात दिलाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने समस्याएं सुलझाने का आश्वासन दिया है।
तल्ला सिलोर की कमला बिष्ट आदि महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहाड़ में बंदरों, सुअरों ने खेतीबाड़ी चौपट कर दी है, लेकिन सरकार की तरफ से इन्हें रोकने के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। डाक्टरों की कमी से अस्पताल सूने हैं। लोगों को भारी परेशानी हो रही है। रानीखेत राजकीय अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट न होने से ब्लडबैंक ठप है। ट्रामा सेंटर बनाया गया लेकिन उसमें उपकरण, डाक्टरों की व्यवस्था नहीं की गई है। जिस कारण गंभीर घायलों को रेफर करना पड़ रहा है।
अस्पताल में सोलर लाइट लगाने, विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति, ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल हेल्थ लाइन चालू कराने, शिक्षकों के लिए कठोर स्थानांतरण नीति बनाने, पहाड़ में रोजगार बढ़ाने को हर्बल प्लांट लगाने की मांग की। पर्वतीय क्षेत्र में रेडियोलॉजी, नर्सिंग की ट्रेनिंग दिलाने का भी सुझाव दिया। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सार्थक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिष्टमंडल में कांग्रेस महिला प्रदेश उपाध्यक्ष हीरा अग्रवाल, हेमा बोरा, कविता बिष्ट, उमा पाठक, भगवती रिखाड़ी, मुन्नी बिष्ट आदि थी।