जिस राजकीय आदर्श इंटर कालेज चौनलिया से मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कक्षा छह से आठवीं तक की शिक्षा प्राप्त की वह इंटर कालेज पिछले छह साल से प्रधानाचार्य के बिना चल रहा है। इसके अलावा विद्यालय में शिक्षकों के भी कई पद रिक्त हैं। इसे लेकर क्षेत्र के अभिभावकों ने मंगलवार से अभिभावक संघ के बैनर तले आंदोलन शुरू कर दिया है। अभिभावकों और छात्रों ने मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानाचार्य सहित शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अभिभावक लंबे समय से प्रधानाचार्य और शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे अभिभावकों को मजबूर होकर आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है। विद्यालय में प्रधानाचार्य के अलावा अंग्रेजी और नागरिक शास्त्र के प्रवक्ता, कृषि के सहायक अध्यापक, लिपिक और परिचारक का पद भी खाली है। उन्होंने कहा कि जिस इंटर कालेज से सीएम ने शिक्षा ग्रहण की अगर उसकी ऐसी हालत है तो अन्य विद्यालयों के बारे में सोचना बेईमानी है।
प्रदर्शन में जीवन सिंह रावत, भूपाल सिंह कठायत, पूरन चंद्र खुल्बेे, गणेश सिंह, आनंद सिंह नेगी, हेम चंद्र सती, किशोर हर्बोला, प्रभाकर खुल्बे, मोहन राम, तारासिंह बंगारी, पूरन सिंह नेगी, हर्ष नेगी, जीवन चंद्र, देवेश खुल्बे, जगदीश चंद्र, भगवत सिंह, देवेंद्र मनराल, जोगाराम, परुली देवी, रेवती देवी, मुन्नी देवी, शांति देवी, महिपाल सिंह, कुसुमा देवी, ललित पांडे आदि अभिभावक शामिल थे। बाद में तहसीलदार राधे राम और उप खंड शिक्षाधिकारी हिमांशु नौगाई ने चौनलिया पहुंचकर अभिभावकों से वार्ता की, लेकिन इसमें कोई हल नहीं निकल सका। उधर कांग्रेस नगर अध्यक्ष कैलाश पंत ने इस आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया है।