अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण समाप्त करने की मांग को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। उन्होंने प्रदेश सरकार से डीडीए को वापस लेने की मांग उठाई।
दोपहर में कांग्रेस कार्यकर्ता चौघानपाटा में एकत्र हुए। यहां पर मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि दो साल पहले प्रदेश सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर पूरे पर्वतीय क्षेत्र में भी जिला विकास प्राधिकरण जनता पर थोप दिया। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। भवन निर्माण में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण को नक्शा पास करने के लिए कई दिक्कतें हो रही हैं लेकिन सरकार को जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं रह गया है। उन्होंने डीडीए को जल्द समाप्त कर जनता को राहत देने की मांग उठाई। वहां नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, हर्ष कनवाल, लता तिवारी, प्रीति बिष्ट, जिला प्रवक्ता राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, हर्ष कनवाल, किशन लाल, लक्ष्मण ऐठानी, नूर अकरम, राधा बिष्ट, भावना बोरा, मंजू कांडपाल, लीला जोशी, सभासद हेम तिवारी आदि ने थे।
डीडीए के खिलाफ गांधी पार्क में दिया धरना, नारे लगाए
अल्मोड़ा। सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के लोगों ने जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में मंगलवार को दोपहर बारह बजे से दो बजे तक गांधी पार्क में धरना दिया। कहा कि सरकार ने डीडीए पर जनता की राय लेने के लिए छह माह पूर्व कमेटी का गठन किया था। पर समिति ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, जो कि जनता के साथ धोखा है। कहा कि डीडीए समाप्त करने को लेकर मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक और सांसद को पहल करनी चाहिए, ताकि जनता को डीडीए से निजात मिल सके। वहां पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, किशन लाल, पूरन रौतेला, विनोद तिवारी, सुनयना मेहरा, अंबी राम आर्या, हेम तिवारी, मदन डांगी, दीवान धपोला, महेश वर्मा, रमेश आर्या, दान सिंह, लक्ष्मण सिंह, हीरा बिष्ट, दिनेश जोशी, ललित पंत आदि थे।