बादल फटने के बाद घरों के पास आया मलबा।
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ग्राम बिजरानी के जंगल में बादल फटने के बाद उफनाए नाले ने भारी तबाही मचाई है। नाले की चपेट में आने से एक मकान, एक गोशाला और उसमें बधे दो बैल, सड़क किनारे बना एक ढाबा भी बह गया। पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। गांव के बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मलबा आने से चौखुटिया-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग भी अवरुद्ध है। तहसील प्रशासन के साथ ही क्षेत्रीय विधायक भी मौके पर पहुंचे गए है। क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही है।
ग्राम पंचायत बिजरानी के जंगल में बादल फटने के बाद उफनाए नाले की चपेट में आने से मोहन सिंह पुत्र हीरा सिंह का मकान, गोशाला और शौचालय के साथ ही दो बैल भी बह गए हैं। घर के बर्तन और गैस सिलेंडर कुछ दूरी पर पड़े मिले। अलबत्ता किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
इसी गांव में सड़क किनारे बना लीलाधर जोशी का ढाबा भी बह गया है। तहसीलदार ओमवीर सिंह और राजस्व निरीक्षक खीमानंद त्रिपाठी ने बादल फटने के पुष्टि करते हुए बताया कि नाले की चपेट में आने से स्वैप के तहत बनी पेयजल योजना भी ध्वस्त हो गई है। बिजली के खंभे लटके पड़े हैं। नाले का मलबा सड़क में आने से चौखुटिया-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है। गरज के साथ हो रही भारी बारिश के कारण नुकसान का पूरा जायजा नहीं लिया जा सका है। खेतों को भी काफी नुकसान बताया गया है। क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी भी मौके पर पहुंच गए हैं।