मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति की ओर से चल रहे रचना दिवस महोत्सव में पंडित विनोद कुमार द्विवेदी और विशंभर दत्त जोशी (शैलज)को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पंडित विनोद कुमार द्विवेदी ने विभिन्न रागों में गायन प्रस्तुत कर दर्शकों को तालियां बजाने के लिए मजबूर किया। जया पाठक ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी।
रामलीला मैदान धारानौला में चल रहे रचना दिवस में पंडित विनोद कुमार द्विवेदी ने जग जननी भवानी दयानी, मोर मुकुट कानन कुंडल, आई बसंत बहार पर शानदार गायन प्रस्तुत किया। संगत में प्रो. लल्लू राम शुल्क, आयुष द्विवेदी और तानपुरे पर संगीता जोशी ने संगत की।
दूसरी प्रस्तुति कत्थक नृत्यांगना जया पाठक की रही। लखनऊ घराने के गुरु कृष्ण मोहन महाराज की शिष्या ने कृष्ण वंदन से शुरुआत की। उसके बाद पारंपरिक कत्थक की प्रस्तुति दी। इससे पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने ध्रुपद गायन शैली के प्रचार-प्रसार में किए गए योगदान के लिए पंडित विनोद कुमार द्विवेदी को उत्तराखंड के प्रतिष्ठित कौस्तुभ सम्मान से सम्मानित किया।
पंडित विशंभर दत्त जोशी को शास्त्रीय संगीत पर अपने प्रकाशित ग्रंथ पर समिति सम्मान से सम्मानित किया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि पंडित उदयशंकर और पंडित चंद्रशेखर पंत ने इस भूमि को अपनी कर्मस्थली बनाया यह अल्मोड़ा के लिए गौरव की बात है।
इस मौके पर संस्था की ओर से अंगवस्त्र पहनाकर नृत्यांगना जया पाठक, प्रकाश जोशी, सितारवादक मोहन पांडे, संगीतविद गिरीश जोशी, केपी साह को सम्मानित किया गया। संचालन मीना पांडे ने किया।
इस अवसर पर कैलाश पांडे, नमित जोशी, पप्पू मनराल, मनोज सनवाल, मैडी उमा, राजेंद्र तिवारी, अशोक पंाडे, अमरनाथ भट्ट, आलोक वर्मा, मनमोहन चौधरी, एलके पंत, दीपक जोशी, राजू मनराल, ईश जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी आदि मौजूद थे।