अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के ग्राम शैल में पेयजल के संकट का समाधान करने के लिए पहुंचे विधायक मनोज तिवारी और जलसंस्थान के एक अधिकारी के बीच सार्वजनिक रूप से तीखी नोकझोंक हो गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया।
विधायक ने अधिकारी पर जनप्रतिनिधि का अपमान करने का आरोप लगाया है और विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का मामला उठाने की चेतावनी दी है। उधर, संबंधित अधिकारी ने अपना फोन बंद किया है।
ग्राम शैल में कई दिनों से पेयजल का संकट बना हुआ है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने विधायक मनोज तिवारी को अपनी समस्याएं बताने के लिए बुलाया था। इसके बाद विधायक ने जलसंस्थान और जलनिगम के अफसरों को गांव में बुलाया। ग्रामीण और विधायक समस्या के समाधान की बात कर रहे थे। आरोप है कि जलसंस्थान के एक अभियंता ने समाधान करने में असमर्थता जता दी। इस पर विधायक ने ऐतराज जताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक तथा अधिकारी में तीखी नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों और कर्मचारियों ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया। शुक्रवार को यह मामला उस समय चर्चा में आया जब पूर्व मंत्री नवप्रभात अल्मोड़ा आए तो कुछ लोगों ने उनके कार्यक्रम में चर्चा की।
विधायक मनोज तिवारी ने बताया कि अधिकारी ने उनके साथ अभद्रता की और विशेषाधिकार का हनन किया। वे इस मामले को विशेषाधिकार हनन के तहत विधानसभा में उठाएंगे। वहीं, संबंधित अधिकारी का फोन लगातार बंद आ रहा है। बताया गया कि अभियंता ने यह मामला उच्चाधिकारियों के भी संज्ञान में लाया गया है। जल संस्थान के जीएम डीके सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। इसे जल्दी ही मिल बैठकर सुलझा लिया जाएगा।