अल्मोड़ा। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावे धरातल पर बेअसर हैं। जिला अस्पताल और रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में आईसीयू के संचालन के लिए एक भी प्रशिक्षित और विशेषज्ञ स्टाफ तैनात नहीं है। किसी तरह इसका संचालन हो रहा है जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल और रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में दुर्घटना में घायलों और गंभीर रोगियों का जीवन बचाने के लिए चार-चार बैड का आईसीयू स्थापित किया गया है। इनके संचालन के लिए दोनों अस्पतालों में एक-एक निश्चेतक, दो-दो विशेषज्ञ चिकित्सक और अन्य प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत है। अभी तक यहां इनमें से किसी भी स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल के मुताबिक हर रोज यहां आईसीयू मरीजों से फुल रहता है। रानीखेत में मरीज आईसीयू में भर्ती हो रहे हैं। किसी तरह अस्पताल प्रबंधन इन आईसीयू का कामचलाऊ तरीके से संचालन कर रहा है। इन हालात में बगैर प्रशिक्षितों के इनमें भर्ती मरीजों की जान आफत में है। मामले में सीएमओ से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
अस्पताल में आईसीयू के संचालन के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी नहीं हैं। किसी तरह अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे इसका संचालन कर उन्हें राहत पहुंचाई जा रही है। प्रशिक्षित और विशेषज्ञ स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती शासन स्तर पर ही संभव है। -डॉ. एचसी गड़कोटी, पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।