अल्मोड़ा। नृत्य सम्राट उदय शंकर के जन्म दिवस पर फलसीमा स्थित उदय शंकर नृत्य और संगीत अकादमी में दिशा संस्था और रंगकर्मियों के प्रयासों से निर्मित नाट्य प्रस्तुति सपनों का शहर का मंचन किया गया। नाटक का कथानक सन 1940 के आसपास का था। जिसमें उस समय के अल्मोड़ा नगर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिवेश को उजागर किया गया।
सपनों का शहर स्थानीय प्रसिद्ध चित्रकार नवीन चंद्र वर्मा बंजारा द्वारा लिखित एक लघु कथा है जिसका नाट्य रूपांतरण और मंचीय परिकल्पना रंगकर्मी मनमोहन चौधरी ने की है। नाटक उदय शंकर के स्टेज मैनेजर स्व. चिरंजी लाल साह ठुलघरिया और पातालदेवी सेंटर की स्मृतियों पर आधारित था। संगीत उदय शंकर के पुत्र संगीतकार स्व. आनंद शंकर, वेशभूषा, मंच सज्जा आदि उदय शंकर के नृत्यों से संबंधित थी।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी शंकर लाल शाह ने उद्घाटन किया। पुराने स्मृतियों को याद करते हुए शाह भावुक हो गए। विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड आवासीय विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी, रंगकर्मी प्रभात लाल साह गंगोला थे। मंच निर्माण और प्रदर्शनी में रंगकर्मी चंदन लाल, संजय राजेश्वरी, भगवान कुमार, चंद्रेश थापा, विजय उप्रेती, दानिश अली, मो. हनीफ खान ने सहयोग दिया।
नारायण सिंह थापा, शेखर कुमार आर्या, धीरेंद्र रावत, उमेश चंद्र आर्या, तूलिका कनवाल, निशा मेहरा, ममता वाणी, देवेंद्र भट्ट, प्रदीप चंद्र, मोहित पांडे ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। गीतम भट्ट, नीरज सिंह पांगती के संवादों ने दर्शकों को बांधे रखा। आयोजक रंगकर्मी मनमोहन चौधरी ने सभी का आभार जताया।