रानीखेत (अल्मोड़ा)। घोषित नगर पालिका चिलियानौला कस्बा स्थायी टैक्सी स्टैंड के लिए जूझ रहा है। वाहनों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन टैक्सी पार्क बनाने की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। वर्तमान में जिस स्थान पर टैक्सियां खड़ी की जाती हैं, वहां आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जाम के कारण लोग भी परेशान रहते हैं।
भारी संख्या में लोग चिलियानौला कस्बे में जमीन खरीदकर आशियाना बना रहे हैं। एक दशक पूर्व तक कस्बे की आबादी तीन हजार थी, वर्तमान में यह संख्या सात हजार हो चुकी है। सरकार ने इसे नगर पालिका बनाने की भी घोषणा की है। प्रख्यात हैड़ाखान मंदिर, जीडी बिड़ला मेमोरियल स्कूल, जल संस्थान, डिग्री कॉलेज आदि छोटे-बड़े संस्थान यहीं स्थित हैं।
दूसरी तरफ वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। पांच साल पूर्व तक यहां बमुश्किल 15 टैक्सियां थी, लेकिन वर्तमान में यह आंकड़ा 60 के करीब पहुंच चुका है। निजी वाहन भी काफी हैं। स्थायी टैक्सी स्टैंड न होने के कारण मुख्य बाजार में टैक्सियां खड़ी की जाती हैं, इस स्थान पर लोगों के घर और दुकानें हैं।
टैक्सियों के कारण आए दिन जाम लग जाता है। बिड़ला स्कूल को जोड़ने वाला मार्ग भी इसी स्थान से होकर जाता है। यह मार्ग ढलान पर स्थित है। कई बार चढ़ाई में आने वाले चौपहिया, दोपहिया वाहनों की अस्थायी स्टैंड पर भिड़ंत तक हो जाती है। कई स्थानीय नागरिकों ने अन्यत्र स्थायी टैक्सी स्टैंड बनाने की मांग की है।