गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। इसके बावजूद पीने के पानी की योजनाओं में कीटनाशक दवाएं नहीं डाली जा रही हैं। दूषित पानी की आपूर्ति होने से बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने जल महकमों से योजनाओं में बनी पानी की टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन की गोलियां डालने को कहा है।
पेयजल निगम, पेयजल संस्थान, ग्राम पंचायतों की ओर से संचालित पीने के पानी की योजनाओं में बनी टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन की गोलियां नहीं डाली जा रही हैं। दूषित पानी की आपूर्ति होने से बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। गंदा पानी पीने से लोगों को पेट के रोगों की शिकायत होने लगी है। लोगों ने जल महकमों, पंचायतों से टंकियों में कीटनाशक दवाएं डालकर पानी की आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि बगैर दवा वाला पानी पीने से डायरिया, पीलिया आदि जलजनित बीमारियां फैल सकती हैं। मांग करने वालों में प्रदीप जोशी, रमेश सिंह, पवन कुमार, तनुज कुमार, रेवती देवी, जशोदा देवी, देवी दत्त, प्रेम कुमार, तनुज पांडे, ज्वाला देवी आदि शामिल हैं। इधर पेयजल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजीव मिश्र ने बताया कि संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं को टंकियाें में कीटनाशक दवा डालने के पहले से ही निर्देश दिए गए हैं। बगैर दवा डाले पानी की आपूर्ति न करने को कहा गया है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे।