बगैर खिड़की वाले प्राथमिक स्कूल कांचुला में फर्श पर बैठकर पढ़ते बच्चे।
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भैसियाछाना विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कांचुला का मरम्मत कार्य तीन साल से अधूरा पड़ा है। विद्यालय भवन में खिड़की, दरवाजे नहीं लगाए गए हैं साथ ही फर्श भी नहीं बिछा है। कड़ाके की ठंड में बच्चे बगैर फर्श वाले विद्यालय में चटाई
बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं।
जर्जर हो चुके प्राथमिक विद्यालय कांचुला के भवन के मरम्मत के लिए 2013-14 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत 4.70 लाख रुपये स्वीकृत हुआ था। जिससे विद्यालय की छत, फर्श मरम्मत, प्लास्टर, खिड़की, दरवाजे और रंगरोगन आदि कार्य होने थे। 2014 में शासन ने विद्यालय प्रबंधन समिति को पहली किश्त के रूप में 2.35 लाख रुपये जारी किए। शासन स्तर से अवशेष धनराशि नहीं मिलने के कारण मरम्मत कार्य तीन साल से अधूरा पड़ा है। प्रबंधन समिति ने विद्यालय की छत पर लिंटर तो डाल दिया लेकिन दीवारों पर प्लास्टर नहीं किया है। खिड़कियां और दरवाजे नहीं लगाए गए हैं। फर्श कई स्थानों पर टूटा हुआ है। छात्र-छात्राएं कड़ाके की ठंड में बिना खिड़की, दरवाजों के फर्श पर दरी बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं।
बारिश होने पर पानी खिड़की और दरवाजों से भीतर घुस जाता है। जिससे अंदर तालाब बन जाता है। इस विद्यालय में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। 2015 में विद्यालय प्रबंधन समिति ने कार्य में तेजी दिखाते हुए स्वीकृत बजट से अधिक कार्य कर लिया था, लेकिन बजट के अभाव में अब कार्य अधूरा पड़ा है। विद्यालय प्रबंधन समिति शासन से बजट की मांग करते आ रही है लेकिन अवशेष धनराशि अब तक नहीं मिली है।
प्राथमिक विद्यालय कांचुला का निर्माण कार्य अधूरा होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। सोमवार को कार्यालय जाकर बजट नहीं मिलने के कारणों के बारे में जानकारी लूंगा। विद्यालय का अधूरा निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जाएंगे। राय साहब यादव, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अल्मोड़ा।