ग्राम पंचायत नौगांव अखोड़िया के एक बच्चे की महतगांव में पावर टिलर की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक के पिता पावर ट्रिलर से महतगांव में खेतों की जुताई करने के बाद पास में बैठकर आराम कर रहे थे। इसी दौरान बच्चे ने पिता की नजर बचाते हुए पावर टिलर स्टार्ट कर लिया और खुद उसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है माता-पिता सहित सभी परिजन सदमे में डूबे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नौगांव अखोड़िया निवासी प्रकाश सिंह भंडारी गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर महतगांव में पावर टिलर से खेतों की जुताई कर रहे थे। थकान होने पर वह खेत में ही कुछ दूरी पर आराम करने बैठ गए। इसी बीच घर से पहुंचे उनके बेटे सूरज भंडारी (9) ने पावर ट्रिलर स्टार्ट कर दिया और वह पावर टिलर पर लगे हैरो की चपेट में आ गया। पिता कुछ समझ पाते उससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से उसे मौके से उठाकर घर ले जाया गया।
घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा है। पिता के साथ ही मां मीना देवी का भी रोरोकर बुरा हाल है। गांव पहुंचे राजस्व निरीक्षक सहित तमाम लोगों ने परिजनों को ढाढ़स बंधाया। घटना शुक्रवार शाम तीन बजे की बताई गई है।
सूरज के जाने से अंधेरे के सिवाय कुछ नहीं बचा
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। मां मीना देवी ने बताया कि उनका बेटा दोपहर तक उन्हीं के साथ घर में था। करीब एक बजे वह बिना बताए घर से महतगांव चला गया। उसके जाने के कुछ देर बाद यह हादसा हो गया। मां का कहना है कि यदि बेटा उन्हें जानकारी देता तो वह उसे कतई नहीं जाने देती। मेरा लाडला चला गया है मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई। सूरज के जाने से अब अंधेरे के सिवाय कुछ नहीं बचा है।
जिद बनी मौत का कारण
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। जिगर के टुकड़े के इस तरह अलग होने से बदहवास पिता प्रकाश भंडारी ने बताया कि उनका बेटा बहुत होनहार था। घर के हर काम में हाथ बंटाने की जिद करता रहता था यही जिद उसकी मौत का कारण बन गई। वह पढ़ने में भी होशियार था, वह प्राथमिक स्कूल महाकालेश्वर में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। घटना के बाद से मृतक सूरज के माता-पिता ने खाना भी नहीं खाया है।
भाई के बिछोह के दर्द में डूबे भाई
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। प्रकाश सिंह की दो शादियां हैं। पहली पत्नी की करीब दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी, उसके बाद उसने दूसरी शादी की। पहली पत्नी से दो बच्चे नीरज (14) और जीवन (12) हैं। घटना के बाद से भाई के बिछोह के गम में डूबे नीरज और जीवन भी गमगीन हैं। दोनों बच्चों का कहना था कि सूरज के बिना उन्हें बहुत बुरा लग रहा है तीनों भाई आपस में बहुत प्यार करते थे।
खस्ताहाल है प्रकाश की माली हालत
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। प्रकाश सिंह की आर्थिक स्थिति भी ठीक नही है वह मजदूरी कर किसी तरह परिवार का खर्च चलाता है। वह लोगों के खेतों में जुताई आदि का काम करता है। जिस पावर टिलर को वह चलाता है वह भी किसी दूसरे व्यक्ति का है। घटना के बाद पूरी तरह से टूट चुका प्रकाश अब पावर टिलर भी नहीं चलाना चाहता है। कहता है कि पावर टिलर के कारण ही उसे यह दिन देखना पड़ा।