मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार देर रात तक यहां सर्किट हाउस में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से गांवों में जाकर लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शिक्षकों की तैनाती में गड़बड़ी की जांच मंडलायुक्त से कराने के निर्देश दिए और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों का निलंबन करने को कहा। मुख्यमंत्री ने समस्याग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों, खच्चरों से पानी की आपूर्ति करने को कहा।
बताया कि बिजली की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अल्मोड़ा या रानीखेत में मुख्य अभियंता (पर्वतीय) का कार्यालय खोला जाएगा। उन्होेंने कहा कि हर जिले में मॉडल के रूप में एक-एक औद्योगिक आस्थान विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जिला योजना और अन्य योजनाओं के तहत विकास कार्यों के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा या रानीखेत में मुख्य अभियंता कुमाऊं का कार्यालय खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि जैंती, देघाट में विद्युत सब स्टेशन, भिकियासैंण में विद्युत वितरण खंड का नया डिवीजन खोला जाएगा।
उन्होंने बिजली के पुराने पोल बदलने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों से यातायात के नियमों का सख्ती से पालन करवाने, समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाने को कहा।
शिक्षा विभाग में शिक्षकों की तैनाती में गड़बड़ी की शिकायत उठने पर उन्होंने इसकी जांच कुमाऊं कमिश्नर से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारी का निलंबन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीन माह में मंडल आयुक्त भी विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने लोनिवि, पीएमजीएसवाई आदि द्वारा निर्माणाधीन सड़कों के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के मुआवजे का भुगतान सात माह में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएमजीएसवाई की सड़कें कम चौड़ी बनाई जाने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
मुख्यमंत्री ने रामनगर-मोहान-भतरौंजखान मार्ग के सुधारीकरण का काम तेजी से पूरा करने, उद्योग विभाग के अधिकारियों से पुराने औद्योगिक स्थलों को विकसित करने को कहा।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, संसदीय सचिव विधायक मनोज तिवारी, विधायक रेखा आर्या समेत कुमाऊं कमिश्नर अवनेंद्र नयाल, डीआईजी पीएस सैलाल, डीएम विनोद कुमार सुमन, एसपी केएस नगन्याल, सीडीओ डा. आशीष श्रीवास्तव, एडीएम प्रकाश चंद्र आदि अधिकारी मौजूद थे।
शिक्षा विभाग की समस्याएं सुनने के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने छुट्टी पर गए मुख्य शिक्षाधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार सिंह से अवकाश निरस्त करके काम पर लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि वह शीघ्र काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।