सीएचसी के आकस्मिक निरीक्षण को पहुंचे स्वास्थ्य निदेशक डा.एलएम उप्रेती स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं और प्रबंधकों की मनमानी देखकर दंग रह गए। अस्पताल में 12 की जगह छह ही डाक्टर तैनात थे। दोपहर पौने दो बजे ही दवा का काउंटर बंद कर दिया गया था। निदेशक ने इसके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने और कार्रवाई की बात कही। इसी बीच सांसद अजय टम्टा भी सीएचसी पहुंचे गए।
स्वास्थ्य निदेशक डा.एलएम उप्रेती ने निरीक्षण किया तो पता चला कि अल्ट्रासाउंड मशीन तो है, पर रेडियोलोजिस्ट न होने की वजह से मशीन बंद पड़ी है। दंत चिकित्सक ने बताया कि दांत उखाड़ने के अलावा यहां कोई सुविधा नहीं दी जाती है, क्योंकि मशीनों का अभाव है। मरीजों ने भी बाजार से दवाई मंगाने की शिकायत की। यहां 12 डाक्टर होने चाहिए, लेकिन मात्र छह ही डाक्टर तैनात हैं।
इनमें भी निरीक्षण के दौरान एक नदारद था। अन्य स्टाफ का भी यही हाल है। निदेशक ने प्रभारी चिकित्साधिकारी और प्रबंधक से नाराजगी जताते हुए व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी। निदेशक ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था का माहौल है। इसके खिलाफ शासन को शीघ्र ही रिपोर्ट भेजी जाएगी।
सांसद ने इस मामले में शील नर्सिंग होम के मालिक से मोबाइल पर बातचीत कर अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने पीपीपी मोड को सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए कहा कि इसने तो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमर ही तोड़ दी है। इस मौके पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.अमजद खान, प्रबंधक भरत बिष्ट, भाजपा जिला संपर्क प्रमुख गणेश कांडपाल व मंडल अध्यक्ष पूरन संगेला सहित कई लोग मौजूद थे।