सीएचसी की महिला स्टाफ सहित चार कर्मचारियों से हुई कथित अभद्रता और हाथापाई के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिसर में लगे आंदोलनकारियों के तंबू को हटाने की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर ओपीडी सेवाएं ठप रखी। मामले में पहले दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर दी। बाद में समझौता होने पर मामला निपट गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक डाक्टर की ओर से थाने में दी तहरीर में दो आंदोलनकारियों पर ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मी से हाथापाई करने तथा बाद में महिला स्टाफ और उनसे अभद्रता करने का आरोप लगाया गया था। दूसरे पक्ष की ओर से दी गई तहरीर में अस्पताल प्रशासन पर अपने कर्मचारियों को आगे कर आंदोलनकारियों से गाली गलौच करने और दो स्वास्थ्य कर्मियों तथा एक महिला कर्मचारी के अनशन स्थल पर आकर जान से मारने, झूठे आरोप में फंसा देने की धमकी देने की बात कही गई थी।
इधर बृहस्पतिवार रात हुई इस घटना के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह से आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा परिसर में लगे आंदोलनकारियों के तंबू को हटाने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर आपीडी सेवाएं ठप कर दी। दिनभर के तनाव के बाद दोनों पक्षों में समझौता होने तथा तंबू अन्यत्र स्थानांतरित होने पर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु हो गई। इस दौरान तहसीलदार धनीराम और थानाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सहित तमाम लोग मौजूद रहे। इधर थानाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि समझौता होने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी तहरीर वापस ले ली है।