स्याल्दे(अल्मोड़ा)। चौकोट जन सेवा संघर्ष समिति की अगुवाई में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन 15वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान व्यापारी संजय नेगी आमरण अनशन पर बैठ गए। इससे पहले राकेश बिष्ट आठ दिन से अनशन पर बैठे थे, जिन्हें शनिवार शाम पुलिस प्रशासन ने स्वास्थ्य बिगड़ने पर अनशन स्थल से उठाया।
रविवार को आंदोलन स्थल पर राज्य आंदोलनकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। राज्य आंदोलनकारी तुला सिंह तड़ियाल, मदन सिंह कठायत और प्रयाग शर्मा ने कहा कि एक ओर सरकार रजत जयंती मना रही है दूसरी ओर उत्तराखंड के लोगों को छोटी-छोटी मांगों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। चौकोट जन सेवा संघर्ष समिति के वरिष्ठ आंदोलनकारी और अधिवक्ता ललित बिष्ट ने भी विचार रखे। क्रमिक अनशन में पूर्व सैन्य अधिकारी आनंद राम मासी, विजय बंगारी और जगत बसनाल बैठे। आंदोलन स्थल पर मनोज नेगी, विमला देवी, राधा देवी, जसोदा बलोदी, जयंती मनराल, भवानी देवी, गंगा बसनाल, सोनू बसनाल, धर्मा देवी, बीना देवी, पूरन खाती, गोकुल बसनाल, दौलत बसनाल, हरीश नेगी, चंदन उप्रेती सहित कई लोग मौजूद रहे।
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महिलाओं की आवाज पशुओं से निजात मिले, खेती बचाई जाए
स्याल्दे(अल्मोड़ा)। आंदोलन स्थल पर ग्राम पंचायत पैठाना से प्रधान भावना नेगी के नेतृत्व में 70 से अधिक महिलाओं ने पहुंचकर आंदोलन को मजबूती दी और अपनी समस्याएं साझा की। उन्होंने एकजुट होकर क्षेत्र में बेसहारा पशुओं से हो रही समस्याओं को उठाया और पशुओं से निजात दिलाओ, खेती बचाओ के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सभी को आगे आना होगा और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। संवाद