मासी में सोमवार को हुए सल्टिया सोमनाथ के मुख्य मेले में दोनों आलों (समूहों) से जुडे़ लोगों ने रामगंगा नदी में पत्थर बरसाकर ओड़ा भेंटने की रस्म निभाई। इस दौरान झोड़ों की धूम रही।
मासी में सोमनाथ के मुख्य मेले में नगाड़े, निशांणों के साथ पहुंचे मासी आल के लोगों ने राम गंगा नदी में पत्थर फेंककर रस्म निभाई। परंपरा के अनुसार इस बार पहले पत्थर फेंकने की बारी मासी की थी।
मासी आल के लौटने के बाद पहुंचे कनौंणिया आल के लोगों ने उसके बाद पत्थर फेंकने की रस्म निभाई। मासी आल में मासी समेत कनरें, खनूली, झुडंगा, ऊंचावाहन, कनौंणियां आल में कनौंणी, आदिग्राम कनौणियां, डांग का नगाड़ा शामिल था।
बाद में दोनों आलों के लोगों ने अपने डेरों (निर्धारित स्थान) पर एकत्रित होकर झोडे़ गाए। इधर रात में हुए सल्टिया मेले में भी झोड़ों की धूम मची रही। लोगों ने मासीक प्रतापा लौंडा त्वीलै धारौ बौला जैसे कई झोड़े गाए। मेला समिति ने कई सालों के बाद नगाड़ा लेकर पहुंचे सल्ट के लोगों का जोरदार स्वागत किया।