एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस सरकार की आली गांव में तीन घरों में हुई लाखों की चोरी का पता नहीं लगा सकी है। पुलिस की कार्य प्रणाली से नाराज लोगों ने चौघानपाटा और लोअर मालरोड में एक घंटे तक जाम लगा दिया।
प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने दस दिन के भीतर मामले का खुलासा करने का आश्वासन देने पर लोग माने और जाम खोल दिया। उन्होंने दस दिन के भीतर चोर नहीं पकड़े जाने पर अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान किया।
जिला और नगर व्यापार मंडल, एसएसजे परिसर छात्रसंघ के नेतृत्व में लोगों ने करीब 12 बजे चौघानपाटा में जाम लगा दिया। नाराज लोग सड़क पर बैठ गए। उन्होंने सभा कर पुलिस पर निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाया।
वक्ताओं ने कहा कि नगर और उससे लगे क्षेत्रों में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। हर घटना के बाद पुलिस मामले का जल्द खुलासा कर लेने की बात कर पल्ला झाड़ लेती है।
इस साल भी अब तक करीब दो दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं पर पुलिस एक मामले का भी खुलासा नहीं कर सकी है। सूचना मिलने पर एसडीएम रिंकू बिष्ट और सीओ केबी पांडे जाम स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है। कई संदिग्धों से पूछताछ भी चल रही है। उन्होंने दस दिन का समय मांगा। लोगों ने दस दिन के भीतर खुलासा नहीं होने पर अनिश्चितकालीन बंद करने का एलान किया।
इसके बाद करीब एक बजे जाम खुल गया। सभा और जाम लगाने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम लाल साह, किशन गुरुरानी, भैरव गोस्वामी, मनोज सिंह पवार, मनोज सनवाल, त्रिलोचन जोशी, अख्तर हुसैन, दीपक वर्मा, अनीता रावत, दीपेश जोशी, विजय भट्ट, छात्रसंघ अध्यक्ष अक्षित भट्ट, महासचिव ललित सतवाल, उपाध्यक्ष हिमांशु कांडापाल, सृष्टि नेगी, कल्पित रावत, रजत मेहरा, नीरज बिष्ट, दर्शन रावत, रवि रौतेला, हेम तिवारी आदि शामिल थे।
इधर सरकार की आली के ग्रामीणों ने भी लोअर मालरोड में खोल्टा के निकट जाम लगाया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। काफी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने चोरी का खुलासा नहीं होने पर आक्रोश जताया।
अधिकारियों द्वारा मामले का जल्द खुलासा करने का भरोसा दिया गया। महिलाओं ने दस दिन के भीतर चोरों के नहीं पकड़ जाने पर आंदोलन चलाने का ऐलान किया। करीब एक घंटे बाद जाम खुलने पर वाहन गंतव्यों को रवाना हुए।