चितई गोलू मंदिर में टंकी का सूखा पड़ा नल।
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नवरात्र में धार्मिक आस्था के केंद्र चितई गोलू देवता मंदिर में काफी संख्या में भक्तजन पहुंच रहे हैं। मंदिर में पानी की आपूर्ति नहीं होने से भक्तजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर स्थित चितई गोलू देवता मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। नवरात्र में तो यहां पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। रविवार को भी विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचे हुए थे। लेकिन मंदिर परिसर में बनी टंकी में सुबह से पानी नहीं था। इस कारण भक्तों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोगों ने चितई बाजार में दुकानों से पानी मांगकर अथवा पानी की बोतलें खरीदकर किसी तरह व्यवस्था की।
भीमताल से आए श्रद्धालु तारा दत्त पांडे और ब्रिगेडियर इंद्र लाल साह ने बताया कि पानी और शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं होने से दिक्कतें हो रही हैं। कोलकाता के विमल दास और रंजना दास ने कहा कि पानी की व्यवस्था नहीं होने से भक्तों को परेशानी होती है। इस संबंध में प्रशासन को उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
पशुबलि के खिलाफ जागरूकता अभियान जारी
अल्मोड़ा। गायत्री परिजनों का चितई गोलू देवता मंदिर में पशुबलि के खिलाफ जनजारण अभियान जारी है। परिजनों ने श्रद्धालुओं को शिक्षाप्रद साहित्य और पत्रिकाएं वितरित की। इसके अलावा दुपहिया सवारों से हेलमेट का प्रयोग करने की अपील की। गायत्री परिजनों का कहना है कि मंदिर परिसर के पीछे स्थित जंगल गंदगी से पटा है। सरकार को इस जंगल को ईको पार्क के रूप में विकसित करना चाहिए। गायत्री परिजन भीम सिंह अधिकारी ने बताया कि स्थानीय युवा शैलेंद्र कुमार, अभिषेक, पारस बद्रीश, हरीश कुमार, कमलेश पंकज सिंह भोला, साहिल, आदित्य, गिरीश चंद्र, मनोज आदि ने भी यहां इको पार्क बनाने की मांग उठाई है।