सरकार की एकल खिड़की व्यवस्था कितनी मजबूत है इसकी हकीकत देखनी हो तो जैंती तहसील कार्यालय इसका नमूना है। जैंती तहसील कार्यालय में एक साल से कंप्यूटर फुंका पड़ा है। इस वजह से कंप्यूटीकृत खाता खतौनी नहीं निकल पा रही है। लोगों को भूमि प्रमाण पत्र के लिए पटवारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। चंद मिनटों में निकलने वाली खाता खतौनी के लिए लोगों को महीनों तक पटवारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
जैंती तहसील के अंतर्गत टिकर, चुपड़ा, फटक्वालडुंगरा, छानाखरकोटा, निरई, खांकर, तड़ैनी, बकस्वाड़, पजैना, सुरखाल, सेल्टाचापड़, उड्यारी, दाड़िमी, नौगांव, सैनोली, चौकुना, सूरी, खडियानौला, आराखेत, लोहना, भाबू, बसगांव, ल्वाली, बचकांडे, स्यूनानी, कालाडुंगरा, कुटौली 80 राजस्व गांवों के लोग खाता खतौनी निकालने आते हैं। सरकार ने एक तरफ एकल खिड़की व्यवस्था लागू की है, लेकिन जैंती तहसील कार्यालय में पिछले एक साल से खराब पड़ा है। इसके स्थान पर अब तक नया कंप्यूटर नहीं आया है। कंप्यूटर खराब होने से कंप्यूटरीकृत खाता खतौनी नहीं बन रही है। साथ ही लोगों को जाति, आय और स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके तहत भूमि प्रमाण पत्र के लिए लोगों को पटवारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
तहसील कार्यालय में काम से आए लोगों का कहना है कि भूमि प्रमाण पत्र बनाने के लिए वह कई बार पटवारी के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तक उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रताप राम, जैंती के प्रधान राजू जोशी ने व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर स्थानीय लोगों को साथ लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।