वन रैंक, वन पेंशन नीति को लागू करने में देरी से नाराज पूर्व सैनिकों ने मंगलवार को भी चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने वन रैंक, वन पेंशन शीघ्र लागू नहीं करने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार वन रैंक वन पेंशन नीति को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में दुश्मनों से लोहा लिया, लेकिन आज उन्हें अपने हकों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नरेंद्र मोदी ने वन रैंक, वन पेंशन शीघ्र लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी वन रैंक, वन पेंशन लागू नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया है।
मंगलवार को धरने पर रिटायर्ड कैप्टन जेके पंत, जीवन नाथ वर्मा, पूरन ऐरी, कैलाश पंत, लीलाधर शर्मा, सुरेंद्र टम्टा, आनंद बिष्ट, गोपाल खोलिया, जगजीवन बिष्ट, हरीश राम, प्रकाश तिवारी, दीपक कुमार, नंदाबल्लभ जोशी, विनोद जोशी, पीजी गोस्वामी, लक्ष्मी दत्त, आनंद सिंह, केशव पांडे, मोहन गुरुरानी, रघुवीर नैनवाल, त्रिलोक सिंह, रघुवीर सांगा, रविकमल जोशी, महिपाल मेहता, एनए अंसारी, चंदन सिंह पवार, इंदर सिंह, प्रकाश बोरा, मुकेश जोशी, जीवन लाल, मान सिंह पवार, जगदीश भट्ट, आनंद बिष्ट बैठे।