केंद्र सरकार के भूमि अर्जन अध्यादेश के विरोध में शनिवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने इस अध्यादेश को किसान विरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
युवा कांग्रेस कार्यकर्ता चौघानपाटा में एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट में पहुंचे। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लागू भूमि सुधार अध्यादेश को काला कानून बताया। उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश के लागू होने से किसानों की बेशकीमती जमीन छीनकर निजी कंपनियों को देने की साजिश की जा रही है। युकां ने इस कानून को ब्रिटिश हुकूमत के 1984 के भूमि अर्जन कानून की नकल बताया और कहा कि केंद्र सरकार ने भूमि अर्जन अध्यादेश से विकास के नाम पर किसानों की जमीन छीनने का कानूनी रास्ता तैयार कर लिया है। जिसका युकां विरोध जारी रखेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान नहीं कर रही है। केंद्र सरकार सात माह के कार्यकाल में नौ अध्यादेश ला गई है। युकां ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन में युकां के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष संदीप सिंह जंगपांगी, अल्मोड़ा अध्यक्ष हिमांशु मेहता, ऋषेंद्र सिंह महर (पिथौरागढ़), कविराज मौमी (लोहाघाट), मोहन कोरंगा (कपकोट), नरेंद्र सिंह बगडवाल (अल्मोड़ा), लोकसभा क्षेत्र सचिव सूरज प्रहरी, भुवन चौबे, जगदीश चुफाल, योगेश चंद्र, गौरव वर्मा, मुकेश नेगी, सुरेंद्र महरा, सुंदर लटवाल, तेज कृष्ण सिंह, कृष्ण लटवाल, पंकज कुमार बिष्ट, हेम तिवारी, निर्माण सलाहकार समिति उपाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, विकास बिष्ट आदि शामिल हुए।