रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकासखंड ताड़ीखेत में प्रस्तावित जनगणना कार्य से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में 1600 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं जिनकी पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता अभिभावकों होने लगी है।
हालांकि शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में नहीं लगी है लेकिन कार्य शुरू होते ही शिक्षकों को विद्यालयों से बाहर जाना पड़ सकता है। इससे पठन-पाठन कार्य बाधित होने की आशंका है। ऐसे में अभिभावकों के सामने सवाल यगया है कि बच्चों की पढ़ाई कैसे सुचारू रूप से जारी रहेगी। सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक करगेती, प्रधान संगठन अध्यक्ष प्रीती पंत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत और पूरन शिल्पकार सहित अन्य लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में अधिकांश बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं। ऐसे में शिक्षकों को जनगणना जैसे कार्यों में लगाना उनकी शिक्षा के साथ अन्याय होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनगणना कार्य शुरू होने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा।