अल्मोड़ा। जिले के द्वाराहाट तहसील क्षेत्र में जंगलों में आग लगाने के मामले में पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जंगलों में आग लगाने वालों की अब खैर नहीं। उन पर अब कड़ी कार्रवाई होगी।
24 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे ग्राम सभा तल्ली मिरई की वन पंचायत और किरौली के जंगल में अज्ञात अराजक तत्वों ने आग लगा दी। आग से वन पंचायत के जंगल में पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचा। आग से लगभग दो हेक्टयर वन भूमि में उगे पेड़-पौधे जल कर नष्ट हो गए। आग को ग्रामीणों, वन विभाग और राजस्व विभाग के कार्मिकों के सहयोग से बड़ी मुश्किल से काबू किया गया है।तहसील द्वाराहाट अंतर्गत तल्ली मिरई और किरौली के जंगलों में लगी आग के मामले में तहसील प्रशासन ने पहला केस दर्ज करवाया।
द्वाराहाट थाने में तल्ली मिरई और किरौली के जंगल में लगी आग के क्रम में अज्ञात के खिलाफ धारा 326 (एफ) बीएनएस और 26 (1) (बी) धारा भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत केस दर्ज हुआ। डीएम आलोक कुमार पांडेय ने पूर्व में जनहित में सूचना जारी की थी कि किसी भी व्यक्ति की ओर से जानबूझकर या लापरवाहीवश जंगलों में आग लगाने को गंभीरता के साथ लिया जाएगा। इसी क्रम में वन विभाग एवं तहसील प्रशासन लगातार आगजनी की घटनाओं पर नजर रख रहा है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक रूप से प्रचार- प्रसार किया जा रहा है कि निजी नाप भूमि में भी खरपतवार आदि का विनष्टीकरण आग लगाकर न किया जाए। निजी खेतों से लगे वन क्षेत्र में वन अग्नि की घटनाएं तेजी से फैल रही हैं।
द्वाराहाट क्षेत्र में तहसील प्रशासन एवं वन विभाग संयुक्त रूप से जंगलों में आग की घटनाओं की निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में उपरोक्त केस दर्ज किया गया है। यदि कोई व्यक्ति वन अग्नि की घटना में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होना पाया जाता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
सुनील कुमार राज, उप जिलाधिकारी द्वाराहाट।
तल्ली मिरई और किरौली में वनाग्नि के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
देवेंद्र पींचा, एसएसपी अल्मोड़ा।