अल्मोड़ा। जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक शनिवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास सहित संबंधित विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखें। विद्यार्थियों के व्यवहार में किसी तरह का असामान्य परिवर्तन दिखाई देने पर तत्काल अभिभावकों को इसकी जानकारी दी जाए।
उन्होंने मादक पदार्थों की पहचान और जांच के लिए पर्याप्त संख्या में ड्रग डिटेक्शन किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने को कहा। नशे का सेवन करने वाले लोगों के उपचार, परामर्श और पुनर्वास के लिए उचित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के भी निर्देश दिए।
नशा मुक्ति केंद्र में नियमित योग कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने नशा मुक्ति केंद्र में नियमित रूप से योग कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग और परामर्श जैसी गतिविधियों के माध्यम से उपचाराधीन लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के प्रयास किए जाएं। साथ ही नशा मुक्ति और पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत, पुलिस क्षेत्राधिकारी बलवंत रावत, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी रवि मेहता समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।