चैत्राष्टमी मेले के दूसरे दिन अल्मोड़ा, थराली व पिथौरागढ़ के कलाकारों की प्रस्तुति के साथ ही बुजुर्ग कलाकारों के झोड़ा चांचरी की धूम रही। माता अगनेरी तेरी जय जय कारा पर खूब तालियां बजी।
अगनेरी मंदिर परिसर के निकट चैत्राष्टमी मेले के दूसरे दिन हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत गेवाड़ लोक सांस्कृतिक कला मंच की प्रस्तुति मेरा गढ़ देश और देवी की स्तुति से हुई। कलाकारों ने छपेली ओ नानी साई घा की लूटी, त्वीले धारौ बौला प्रस्तुत किया। सार्प सांस्कृतिक मंच थराली (चमोली) के कलाकारों ने गढ़वाली और कुमाऊं नी लोक गीत प्रस्तुत किए। इसी क्रम में जय नंदा सांस्कृतिक कला मंच अल्मोड़ा, तारा पथनी व संजय पथनी पिथौरागढ़, नवप्रभात पब्लिक स्कूल सहित कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी। दिल्ली से पहुंचे हास्य कलाकार भूपी राजा, सेराघाट के धरम नेगी व भतरौजखान से पहुंचे सिरोमणी पंत ने लोगों को खूब हंसाया। भूरसिंह व भवानीराम एंड पार्टी ने झोड़े चांचरी से लोगों का मनोरंजन किया।
मेला समिति के अध्यक्ष डा. कुलदीप सिंह बिष्ट ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों व कलाकारों का स्वागत किया। संचालन जीवन मेहरा, जीवन नेगी व आनंद नाथ ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, कनिष्ठ प्रमुख ललिता बिष्ट, गिरीश भट्ट, किसन संगेला, नृपेंद्र जोशी, जसीराम, वीरेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।