गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण और विकास संस्थान के प्रकृति विश्लेषण अध्ययन केंद्र में रीजनल इनोवेशन साइंस हब फॉर इन्नोवेटर विषय पर आयोजित छह दिनी कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि छात्र-छात्राएं विज्ञान की नई टेक्नोलॉजी को अपना कर आगे बढ़ें। उन्होंने छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक सोच पैदा करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को डाटा स्केनिंग पेन बनाने, आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस की मदद से अल्जाइमर का इलाज करने, ऊष्मीय ऊर्जा से बैटरी चार्ज करने, बायोगैस से ईंधन का विकास करने, वेस्ट मैनेजमेंट, आपदा में सहायक ड्रोन का निर्माण आदि की जानकारी दी गई।
समापन पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. अनीता पांडेय ने छात्र-छात्राओं को विज्ञान की नई तकनीक अपना कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। संस्थान के शोधार्थी भावना कपकोटी, साइनी ठाकुर, भास्कर जोशी, अनिकेत चौधरी, डा. आशीष पांडे ने विचार रखे।
इस मौके पर कार्यशाला संयोजक डा. आरएस रावल, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. आरसी प्रसाद, डा. राजेश जोशी, डा. संदीपन मुखर्जी, डा. रंजन जोशी ने विचार रखे। संचालन आईडी भट्ट ने किया। प्रतिभागियों को योग का भी प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर बताया गया कि दूसरे चरण की कार्यशाला 15 जून से शुरू होगी।