व्यापार मंडल पदाधिकारियों में चल रही तनातनी अब थम गई है। कुछ पदाधिकारियों द्वारा एक व्यापारी को सदस्यता से निलंबित करने के बाद पदाधिकारियों में ठन गई थी। इसको लेकर प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने संयुक्त बैठक बुलाई, जिसमें व्यापारी के निलंबन संबंधी तथ्यों पर सहमति बन गई। बैठक में व्यापारी हितों के लिए संघर्ष करने का भी संकल्प लिया गया।
यहां शिव मंदिर में हुई बैठक में व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि नगर में कई संदिग्ध किस्म के व्यापारी हैं, जो नगर का माहौल खराब कर रहे हैं। इनमें से कई व्यापारियों को पूर्व में सदस्यता दिलाई गई थी, लेकिन कई लोगों की सदस्यता संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं हैं। इसीलिए एक साड़ी व्यापारी को सदस्यता से निलंबित करना पड़ा।
इस मामले में नगर व्यापार मंडल के प्रतिनिधि आपस में बंट गए। बैठक में मौजूद अध्यक्ष भगवंत नेगी के सामने निलंबन संबंधी तथ्य प्रस्तुत किए गए, जिसे सर्वसम्मति से मान लिया गया। तय हुआ कि सदस्यता की जांच के लिए गठित कमेटी संदिग्ध किस्म के व्यापारियों की सदस्यता का पुन: सत्यापन करेगी।
तथ्यों के आधार पर ही भविष्य में सदस्यता दी जाएगी। बैठक में तय हुआ कि व्यापार मंडल से जुड़ने वाले नए सदस्यों के लिए सदस्यता खुली रहेगी। बैठक में जिलाध्यक्ष मोहन नेगी, महामंत्री डा. गिरीश वैला, प्रदेश सचिव मनोज अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष यतीश रौतेला, नगर उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, महामंत्री हर्ष पंत, सीमा जसवाल, मनोज पंत, दीपक पंत सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद थे।