करोड़ों की सरकारी संपत्ति हो रही बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के करीब 20 ग्राम पंचायतों में स्थित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के भवन आज खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। कभी इन विद्यालयों में नौनिहालों का भविष्य संवारा जाता था, लेकिन अब ये भवन लावारिश पड़े हैं और आवारा जानवरों का आसरा बन गए हैं। शिक्षा विभाग की करोड़ों रुपये की यह संपत्ति बर्बाद हो रही है, लेकिन विभागीय अधिकारियों को इसकी कोई सुध नहीं है।
दरअसल, पलायन और छात्र संख्या में कमी के कारण इन विद्यालयों को बंद कर दिया गया। वर्तमान में इन भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है। इनमें से कई भवनों की छतें गिरने की कगार पर हैं, जबकि कुछ में आवारा जानवरों ने डेरा जमा लिया है।
इन भवनों का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से हुआ था, लेकिन अब इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन भवनों का सदुपयोग समुदाय केंद्र, पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए शासन और प्रशासन की ओर से पहल की जरूरत है।
खंड शिक्षा अधिकारी वंदना रौतेला ने बताया कि पलायन के कारण छात्र संख्या में भारी गिरावट आने से कई ग्रामसभाओं में विद्यालय बंद करने पड़े। उन्होंने कहा कि अब इन भवनों का उपयोग ग्राम सभाएं कर सकती हैं, बशर्ते ग्राम सभाओं की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाए।
कब-कब बंद हुए विद्यालय
गैरखेत: 2009
बिजोली: 2010
मटेला: 2014
कंहोड़ी: 2007
वल्मरा: 2015
महग्यारी: 2017
सुनोली: 2016
शेरु भनेरिया: 2016
गलीगांव: 2017
बिरोट: 2018
खड़कू भनेरिया: 2018
झिझाकोट: 2017
मोहनी ढईया: 2019
उदेपुर: 2016
गुमटी: 2022
गंगाझाला: 2019
रिखौन: 2022
जसपुर: 2024
घुगती केलानी: 2024
फणियां: 2024
फोटो: 2एएलएम 16पी: स्याल्दे ब्लाक अंतर्गत खंडहर बन रहा एक विद्यालय भवन। संवाद
फोटो: 2एएलएम 17पी: स्याल्दे ब्लाक अंतर्गत वीरान पड़ा स्कूल भवन। संवाद