जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) बनने के बाद राष्ट्रीय और राज्य मार्ग की 200 मीटर परिधि में आने वाले ग्रामीण इलाकों में भी भवन बनाना अब आसान नहीं होगा। यहां भी बनने वाले सभी भवनों का निर्माण अब जिला विकास प्राधिकरण की अनुमति से ही किया जाएगा। पूर्व में ग्रामीण इलाकों में मानचित्र पास किए बगैर ही भवनों का निर्माण किया जा सकता था, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है। इधर जिला विकास प्राधिकरण अब ज्यादा निर्माण वाले क्षेत्रों को भी प्राधिकरण में शामिल करने का प्रस्ताव बना रहा है।
जिला विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद अब नगर पालिका, नगर पंचायत और उनके पूरे क्षेत्र के अलावा राज्य और राष्ट्रीय राज मार्गों में 200 मीटर की परिधि तक सभी राजस्व गांवों के अंतर्गत भी किसी भी तरह के भवनों के निर्माण के लिए जिला विकास प्राधिकरण की अनुमति लेनी पड़ेगी। यह माना जा रहा है कि जिला विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद अब ग्रामीण इलाकों के लोगों को भवनों का मानचित्र पास कराने के लिए डीडीए के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ेंगे। वहीं इसके लिए अब उन्हें शुल्क के तौर पर अतिरिक्त पैसा भी खर्च करना पड़ेगा।
हालांकि 200 वर्ग मीटर के भवन और 100 वर्ग मीटर तक की दुकानों के निर्माण के लिए नक्शा पास कराना जरूरी नहीं है। इसके लिए डीडीए को सिर्फ सूचना देनी होगी। अल्मोड़ा जिले में जिला विकास प्राधिकरण दफ्तर यहां कलक्ट्रेट में खुल चुका है। हालांकि स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी है। वहां सिर्फ एक लिपिक तैनात किया गया है। फिलहाल भवनों के निर्माण के लिए शुल्क का निर्धारण नहीं किया गया है। विकास प्राधिकरण बनने के बाद भवनों के निर्माण के लिए लोग आवेदन फार्म लेने हर रोज पहुंच रहे हैं। जिला विकास प्राधिकरण के सदस्य एसडीएम रजा अब्बास ने बताया कि फिलहाल फार्म निशुल्क दिया जा रहा है।