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आईएसबीटी अल्मोड़ा के निर्माण में बजट का अड़ंगा

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अल्मोड़ा के लोअर मालरोड में निर्माणाधीन आईएसबीटी। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। समय पर बजट अवमुक्त नहीं होने से अल्मोड़ा नगर के लोअर मालरोड में 16 करोड़ लागत से निर्माणाधीन अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) का निर्माण कार्य निर्धारित समय के ढाई साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। यह कार्य दिसंबर 2018 में पूरा हो जाना चाहिए। निर्माण एजेंसी को अब तक 9.78 करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए हैं। ऐसी स्थिति में आईएसबीटी का कार्य पूरा होने के बाद संचालित होने की जल्द उम्मीद नहीं है
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अलग उत्तराखंड राज्य बने दो दशक बीत चुके हैं। सरकार और जनप्रतिनिधि परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने की घोषणाएं और वादे करते रहते हैं लेकिन अल्मोड़ा जिला मुख्यालय में परिवहन निगम डिपो का भवन नहीं बन सका है। मालरोड में किराए के भवन में बस अड्डा चल रहा है। यहां पर बसों के खड़े रहने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है।
परिवहन निगम की कार्यशाला लोअर मालरोड में है, वही बसें खड़ी रहती हैं। गंतव्य को जाने से करीब आधा घंटा पहले बसें मालरोड में पहुंचती हैं। यदि दो तीन बसें एक साथ खड़ी हो जाती हैं तो यहां पर जाम की स्थिति रहती है। वहीं यात्रियों के विश्राम करने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। यात्री सड़क किनारे या दुकानों के किनारे बैठकर बसों का इंतजार करते हैं।
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पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आईएसबीटी की स्वीकृति दी और 16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। शासन ने आईएसबीटी बनाने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को सौंपी। वर्ष 2016 में लोअर मालरोड में आईएसबीटी का निर्माण शुरू हुआ। तब दिसंबर 2018 में आईएसबीटी का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्माण एजेंसी को 16 करोड़ के सापेक्ष अब तक 9.78 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। निर्माण एजेंसी ने लोअर मालरोड में वर्कशाप परिसर में बस अड्डे की बिल्डिंग, चहारदीवारी, डोरमैट्री, दुकानें, शौचालय, स्टाफ रूम आदि कार्य पूरे कर लिए हैं। निर्धारित बजट का अब तक करीब साठ फीसदी ही बजट मिल पाया है, जिससे निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसी स्थिति में आईएसबीटी के जल्द पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में बस अड्डे के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये के बजट का प्राविधान किया है, लेकिन बजट अवमुक्त नहीं हुआ है। - पीके दीक्षित, सहायक अभियंता, उत्तराखंड परिवहन निगम।
शासन स्तर पर सचिव से वार्ता कर पिछले वर्ष बस अड्डे के लिए दो करोड़ रुपये अवमुक्त करवाए थे। चालू वित्तीय वर्ष में दो करोड़ का प्रावधान किया गया है। जल्द राशि अवमुक्त कराई जाएगी। निर्माण एजेंसी के अधिकारी बस अड्डे के निर्माण में रुचि नहीं ले रहे हैं और हीलाहवाली बरत रहे हैं। जानकारी चाहने के बाद भी कोई सूचना नहीं दे रहे हैं। - रघुनाथ सिंह चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष।
वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आईएसबीटी का शिलान्यास किया था और तीन करोड़ रुपये अवमुक्त किए थे। बस अड्डे का निर्माण कार्य 2018 में पूरा हो जाना चाहिए था। जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है। भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार की योजनाओं को रोकने का काम किया है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। - मनोज तिवारी, पूर्व विधायक कांग्रेस।
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यह काम हैं शेष
बसें खड़े करने का प्लेटफार्म, वर्कशाप का प्लेटफार्म, डीजल टैंक, फर्श, लोअर मालरोड से आईएसबीटी को जोड़ने वाली सड़क है कच्ची।
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