गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान कोसी-कटारमल में तीन दिवसीय प्रकृति शिविर आयोजित किया गया। इसके समापन पर हुई जैवविविधता ज्ञान प्रतियोगिता में जीआईसी मनान, डीनापानी, चौड़ा क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय रहे।
चित्रकला प्रतियोगिता में जीआईसी बटुलिया, स्यालीधार, इंटर कालेज दौलाघट, कविता, कहानी, प्रतियोगिता में विवेकानंद इंटर कालेज अल्मोड़ा, जीआईसी चौड़ा, राजकीय बालिका इंटर कालेज रानीखेत क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय रहे। संस्थान के निदेशक डा. पीपी ध्यानी ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को जैवविविधता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्व में करीब तीन लाख पादप और 12 लाख पशु पक्षी हैं। अकेले भारत में 48 हजार पादप, 11 हजार पशु-पक्षियों की प्रजातियां हैं। भारत का जैवविविधता के क्षेत्र में विश्व में दसवां स्थान है।
शिविर में बच्चों को जीव जंतुओं, पेड-पौधों, पराग वाहकों के साथ अंतरसंबंधों को समझाते हुए प्रकृति में उनकी उपस्थिति, अनुपस्थिति, विभिन्न औषधीय पौधों, अतिक्रमणकारी पौधों, उनसे जैव विविधता को होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम के संयोजक, संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. आरएस रावल ने आभार जताया। वहां डा. सुब्रत शर्मा, डा. केसी सीकर आदि थे।
पं. गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल के प्रकृति शिविर में राजकीय इंटर कालेज बटुलिया की प्रीति पंत विजेता रही। कालेज के उमेश अधिकारी, लता पंत, पूनम, प्रीति पंत ने शिक्षक जेपी तिवारी के निर्देशन में प्रतिभाग किया।
संस्थान में जैवविविधता की जानकारी प्राप्त की, प्रयोगशालाओं समेत सूर्यकुंड, सूर्य मंदिर का भी भ्रमण किया। ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों ने भी जानकारियां दी। शिविर में 11 स्कूलों के 11 शिक्षक, 55 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
डा. एसके नंदी, डा. आरएस सुंदरियाल, डा. आरएस रावल आदि वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। कालेज पहुंचने पर प्रधानाचार्य भोला मोहन ने पूरी टीम को सम्मानित किया।