मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि विकलांग बच्चों के पोषण के लिए 18 साल तक बच्चों की माता को पेंशन दी जाएगी। जीनापानी में जनसभा को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि प्रदेश को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना है। उन्होंने भतरौंजखान को नगर पंचायत का दर्जा देने, रामनगर-भगतिया-गैरसैंण मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लक्ष्मण सिंह अधिकारी के नाम पर करने सहित अनेक घोषणाएं की। उन्होंने करीब 150 करोड़ की लागत की 35 योजनाओं का शिलान्यास भी किया।
अपने गृह क्षेत्र जीनापानी में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को बढ़ावा देकर क्षेत्र का विकास किया जा सकता है। उन्होंने पेयजल समस्या से निपटने के लिए खेत जोतो सीर (स्रोत) फोड़ो अभियान चलाने को कहा। कहा कि सरकार शिल्पकला सहित प्राचीन संस्कृति को बचाने के लिए हर संभव प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार विकलांग बच्चों के लालन पोषण के लिए उनकी माता को 18 वर्ष तक पेंशन देने की योजना भी बना रही है। कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ महीनों के भीतर यह भीषण समस्या से निजात मिल जाएगी। उन्होंने भतरौंजखान को नगर पंचायत बनाने, मछोड़ इंटर कालेज को विज्ञान वर्ग की मान्यता देने, जीनापानी में गैस गोदाम खोलने, रामगंगा-चमड़खान पंपिंग पेयजल योजना से छूटे गांव को लाभान्वित करने, मोहान-गनियाद्योली मोटर मार्ग का चौड़ीकरण करने, रामनगर-भगतिया-गैरसैण मोटर मार्ग को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लक्ष्मण सिंह अधिकारी के नाम पर करने, रामगंगा एक्सप्रेस सड़क बनाने की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 150 करोड़ की लागत वाली 35 योजनाओं का शिलान्यास भी कि या। शिलान्यास कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रणजीत सिंह रावत, पूर्व विधायक करन माहरा, ब्लॉक प्रमुख हिमानी नैनवाल, भाजपा नेता प्रमोद नैनवाल सहित तमाम लोग मौजूद थे। संचालन दर्शन बिष्ट और महिपाल बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया।