बीएसएनएल की खराब मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवा से उपभोक्ता परेशान हैं। लंबे समय से दोनों सेवाओं में उपभोक्ताओं को लाभ होने के बजाए नुकसान ही उठाना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि सेवा खराब होने के बावजूद उपभोक्ताओं को महीने में लंबा चौड़ा बिल थमा दिया जाता है। पहाड़ में अधिकांश लोगों के पास बीएसएनएल के ही कनेेेक्शन हैं। इसके बावजूद निगम लोगों को अच्छी सेवा देने में नाकाम साबित हो रहा है।
फोन सेवा की बात करें तो इन दिनों बीएसएनएल के सिम से नंबर डायल करने के बाद दूसरी जगह संपर्क नहीं हो पा रहा है। बार-बार फोन करने के बाद किसी तरह फोन लग भी रहा है तो दूसरी तरफ से न तो आवाज साफ आ रही और न ही लंबे समय तक बात हो पा रही है। वहीं ब्रॉडबैंड सेवा भी लोगों को रुला रही है। पढ़ाई करने वाले अधिकांश छात्रों, सरकारी विभागों और साइबर कैफे चलाने वाले व्यापारियों के पास बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा है, लेकिन सर्वर डाउन और धीमी गति से संचालित होने के कारण ब्रॉडबैंड सेवा ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। लोगों का कहना है कि संचार क्रांति के इस दौर में जहां हर चीज डिजिटल हो चुकी है, लेकिन सरकार का बड़ा उपक्रम बीएसएनएल अपनी सेवाओं को दुरुस्त नहीं कर सका है, वहीं खराब सेवा के बावजूद महीने में लंबा बिल थमाकर विभाग उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।